खुदगर्ज़

by Raqeeb on December 24, 2012, 05:17:12 AM
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Raqeeb
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संजीदगी से दिल में दस्तक दी एक दिन तुमने ।
निभाऊंगा तेरे प्यार को हर पल यही समझाया मैंने ।।

न जानता था क्यों प्यार की साजिश रची तुमने ।
प्यार के इस जाल में खुद को गिरफ़्तार करवाया मैंने ।।

प्यार सिर्फ तुमसे करती हु यही एहसास दिलाया तुमने ।
पहला प्यार भूल कर हर पल इस प्यार को अपनाया मैंने ।।

हर वक़्त- बेवक्त प्यार में हर रोज़ बेवफ़ाई की तुमने ।
तेरी हर बेवफ़ाई को फिर भी हर रोज़ अपनाया मैंने ।।

क्या कहूँ क्या कर दिया ऐ बेवफा जाने अनजाने में तुमने ।
अपने पहले प्यार को तेरे धोखे और प्यार में दफनाया मैंने ।।

तेरे इस फरेबी की बाद भी खुदगर्ज़ हूँ मैं यही सुनाया तुमने ।
खुदगर्ज़ 'रक़ीब' है तो,तुझे माफ़ी और खुद को सुली क्यों चढ़ाया मैंने ।।
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sksaini4
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«Reply #1 on: December 24, 2012, 05:33:08 AM »
bahut khoob
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aqsh
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«Reply #2 on: December 24, 2012, 05:44:40 AM »
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause
bahut bahut khoob
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marhoom bahayaat
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«Reply #3 on: December 24, 2012, 07:37:35 AM »
संजीदगी से दिल में दस्तक दी एक दिन तुमने ।
निभाऊंगा तेरे प्यार को हर पल यही समझाया मैंने ।।

न जानता था क्यों प्यार की साजिश रची तुमने ।
प्यार के इस जाल में खुद को गिरफ़्तार करवाया मैंने ।।

प्यार सिर्फ तुमसे करती हु यही एहसास दिलाया तुमने ।
पहला प्यार भूल कर हर पल इस प्यार को अपनाया मैंने ।।

हर वक़्त- बेवक्त प्यार में हर रोज़ बेवफ़ाई की तुमने ।
तेरी हर बेवफ़ाई को फिर भी हर रोज़ अपनाया मैंने ।।

क्या कहूँ क्या कर दिया ऐ बेवफा जाने अनजाने में तुमने ।
अपने पहले प्यार को तेरे धोखे और प्यार में दफनाया मैंने ।।

तेरे इस फरेबी की बाद भी खुदगर्ज़ हूँ मैं यही सुनाया तुमने ।
खुदगर्ज़ 'रक़ीब' है तो,तुझे माफ़ी और खुद को सुली क्यों चढ़ाया मैंने ।।



good,sir
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Raqeeb
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«Reply #4 on: December 26, 2012, 07:20:58 AM »
bahut khoob

Shukriya Sir Usual Smile
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Raqeeb
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«Reply #5 on: December 26, 2012, 07:21:48 AM »
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bahut bahut khoob

Shukriya Aqsh Sahab Usual Smile
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nandbahu
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«Reply #6 on: December 26, 2012, 08:21:49 AM »
very nice
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Raqeeb
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«Reply #7 on: January 10, 2013, 08:23:39 PM »
very nice

Thanks Sir Usual Smile
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